रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को रायपुर के लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में शदाणी दरबार की पांचवीं पीठाधीश माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में ₹200 का स्मारक सिक्का जारी किया। इस अवसर पर एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया गया।
कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और सिंधी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
माता हासी देवी को समर्पित सिक्का
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी यह स्मारक सिक्का सिंधी समाज की प्रसिद्ध आध्यात्मिक विभूति और शदाणी दरबार की पांचवीं पीठाधीश माता साहिब हासी देवी के योगदान को समर्पित है। इस अवसर पर सिंधी समाज के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में जारी सिक्के का वजन 35 ग्राम बताया गया है और इसे चार धातुओं से तैयार किया गया है।
युवाओं को दिया सीखने और आगे बढ़ने का संदेश
शाम 4 बजे रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में 4,000 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। राष्ट्रपति ने युवाओं से किताबें पढ़ने, नई तकनीक सीखने और सवाल पूछने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि निरंतर सीखना, चुनौतियों का साहस से सामना करना और अपनी उपलब्धियों को समाज की प्रगति से जोड़ना ही सफलता का मार्ग है।
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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत ढाई हजार से अधिक लोगों ने रक्तदान किया, जिनमें 1,188 महिलाएं शामिल थीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं को निरंतर अध्ययन करने, जिज्ञासु बने रहने और बदलती तकनीक के साथ कदम मिलाने के लिए प्रेरित किया।
सिक्के की विशेषताएं
₹200 के इस स्मारक सिक्के का वजन 35 ग्राम और व्यास 44 मिलीमीटर है। यह कोलकाता टकसाल में निर्मित हुआ है और इसका आकार गोलाकार है।
सिक्के के निर्माण में 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, 5 प्रतिशत निकल और 5 प्रतिशत जस्ता का उपयोग किया गया है। सिक्के का किनारा 200 दांतियों वाला है और कुल 550 सिक्के तैयार किए गए हैं।
सिक्के के एक पक्ष पर अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष, ‘सत्यमेव जयते’ और ₹200 का मूल्यवर्ग अंकित है। दूसरे पक्ष पर माता साहिब हासी देवी का चित्र तथा देवनागरी और अंग्रेजी लिपि में उनका नाम अंकित है।
स्मारक सिक्के विशेष अवसरों, महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों या ऐतिहासिक घटनाओं की स्मृति में जारी किए जाते हैं। इनका महत्व इनके अंकित मूल्य के साथ-साथ संग्रहणीय और ऐतिहासिक पहचान से भी जुड़ा होता है।
ऑनलाइन बुकिंग
विमोचन के बाद इच्छुक श्रद्धालु और सिक्का संग्राहक इसे शदाणी दरबार की विभिन्न इकाइयों के माध्यम से बुक कर सकेंगे। इसके अलावा कोलकाता टकसाल की आधिकारिक वेबसाइट पर भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
राष्ट्रपति के कार्यक्रम
राष्ट्रपति 22 और 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर हैं। 23 अक्टूबर को वे जगदलपुर में मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा करेंगी और बस्तर दशहरा के प्रमुख आयोजन मुरिया दरबार में शामिल होंगी।