क्या अब सुप्रीम कोर्ट की बारी है? राजनीति की ज़द में न्यायपालिका: संस्थाओं पर गहराता अविश्वास या सोची-समझी रणनीति?
मौजूदा राजनीतिक और संस्थागत संघर्ष में सुप्रीम कोर्ट सीधे तौर पर चक्रव्यूह के केंद्र में आ गया है। इस पूरे घटनाक्रम को केवल यह कहकर खारिज…