“विरोध देशद्रोह है या लोकतंत्र की आवाज़?” – सरसंघचालक मोहन भागवत
20 अक्टूबर 2026 को नागपुर में आरएसएस के शताब्दी वर्ष के विजयादशमी उत्सव में सरसंघचालक मोहन भागवत का उद्बोधन एक साधारण दशहरा-संबोधन से कहीं आगे था।…
किसी भी जीवंत लोकतंत्र और जागरूक समाज की बुनियाद उसकी वैचारिक स्पष्टता पर टिकी होती है। ‘खारुन मंथन’ इसी बौद्धिक विमर्श को समर्पित ‘खारुन टाइम्स’ का वैचारिक स्तंभ है।
इसके माध्यम से हम राष्ट्र और प्रदेश के दूरगामी हितों, नीतिगत निर्णयों, सामाजिक बदलावों और समकालीन चुनौतियों पर एक स्पष्ट संपादकीय विवेक प्रस्तुत करते हैं।
यहाँ प्रकाशित होने वाले आलेख पाठकों को केवल सूचना नहीं देते, बल्कि उन्हें सोचने, विश्लेषण करने और अपनी स्वतंत्र राय बनाने की दिशा प्रदान करते हैं।