विशाखापत्तनम/अमरावती। बंगाल की खाड़ी से आया अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट पर टकरा गया। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार लैंडफॉल प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और तूफान अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है।
लैंडफॉल और मौसम
तूफान का केंद्र बुधवार सुबह 8:30 बजे तटीय आंध्र प्रदेश व यानम के पास था, जो नरसापुर से लगभग 20 किमी पूर्व-उत्तरपूर्व में स्थित था। IMD ने बताया कि यह अब उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और अगले 48 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर होगा।
लैंडफॉल के समय हवा की रफ्तार 115–125 किमी प्रति घंटा और झोंकों में 140 किमी प्रति घंटा तक रही। अब इसे ‘सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म’ में घटा दिया गया है; अगले छह घंटों में यह ‘साइक्लोनिक स्टॉर्म’ और उसके बाद ‘डीप डिप्रेशन’ बन सकता है।
नुकसान और बचाव
आंध्र प्रदेश में अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत और 30 से अधिक घरों को नुकसान की पुष्टि हुई है। तेज हवाओं से पेड़ गिरे, बिजली की लाइनें टूटीं और कई सड़कों पर पानी भर गया।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाला गया है। ओडिशा में 28 अक्टूबर को 60–70 किमी प्रति घंटा की आंधी और झोंकों के साथ 80 किमी प्रति घंटा तक हवाओं की आशंका जताई गई है।
यातायात पर असर
- रेलवे ने अब तक 70 से अधिक ट्रेनें रद्द की हैं और लगभग 600 किमी ट्रैक पर निगरानी रखी जा रही है।
- चेन्नई के उत्तरी हिस्सों और तिरुवल्लूर जिले में एन्नोर एक्सप्रेसवे समेत तटीय सड़कों पर परिवहन प्रभावित हुआ है।
- समुद्र में ऊंची लहरों के कारण लोगों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
अर्नब पर आगे की चेतावनी
IMD के मुताबिक तूफान उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होगा, लेकिन आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और जलभराव का खतरा बना रहेगा। प्रशासन ने लोगों से तटीय इलाकों से दूर रहने और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने को कहा है।