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छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: मार्च 2027 तक बिजली बिल में राहत, धान खरीदी के लिए खुलेंगे 360 नए केंद्र, 8,000 करोड़ की रेल परियोजना को मंजूरी

27 October 2026
KharunTimes

रायपुर, 27 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं, किसानों, सरकारी कर्मचारियों और अधोसंरचना विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में घरेलू बिजली बिल में राहत की अवधि बढ़ाने, धान खरीदी के लिए नए केंद्र खोलने और रेल परियोजनाओं को आगे बढ़ाने सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

इन फैसलों में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 31 मार्च 2027 तक राहत जारी रखने और खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी के लिए 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू करने का निर्णय प्रमुख है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।

बिजली बिल में राहत मार्च 2027 तक बढ़ी

छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा योजना) के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को दी जा रही रियायत की पात्रता अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दी है। इससे पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलती रहेगी।

योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को मासिक खपत के अनुसार पहले 200 यूनिट तक बिजली बिल की राशि पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाती है। जिन घरेलू उपभोक्ताओं की मासिक खपत 200 से अधिक और 400 यूनिट तक है, उन्हें भी निर्धारित पात्रता शर्तों के तहत पहले 200 यूनिट पर रियायत का लाभ दिया जाता है।

सरकार के इस फैसले से लगभग 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत जारी रहने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, योजना का वास्तविक लाभ उपभोक्ता की बिजली खपत और लागू पात्रता शर्तों पर निर्भर करेगा।

धान खरीदी के लिए खुलेंगे 360 नए केंद्र

छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। किसानों की सुविधा और खरीदी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू किए जाएंगे। इसके बाद राज्य में कुल धान खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़कर 3,100 हो जाएगी।

सरकार के अनुसार, इस खरीफ सीजन में 27.50 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान खरीदा जाएगा।

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धान खरीदी से जुड़ी प्रमुख बातें

  • खरीदी शुरू होने की तारीख: 15 नवंबर 2026
  • धान का निर्धारित मूल्य: 3,100 रुपये प्रति क्विंटल
  • अधिकतम खरीदी सीमा: 21 क्विंटल प्रति एकड़
  • नए उपार्जन केंद्र: 360
  • कुल उपार्जन केंद्र: 3,100
  • लक्षित किसान: 27.50 लाख से अधिक

सरकार ने धान खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से रकबे का ऑनलाइन निर्धारण और बायोमेट्रिक आधारित खरीदी व्यवस्था अपनाने का निर्णय भी लिया है।

पिछले वर्ष एग्रीस्टेक आईडी के साथ पंजीकृत किसानों को दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। एग्रीस्टेक में पंजीयन होने पर धान बेचने के लिए समिति में अलग से ऋण पुस्तिका लाने की जरूरत भी नहीं होगी।

लगभग 8,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजना

रेल कनेक्टिविटी और अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी सामने आई है। कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना को लेकर मंजूरी और आगे की प्रक्रिया से संबंधित खबरों के बीच लगभग 8,000 करोड़ रुपये की परियोजना राशि चर्चा में है।

इस तरह की रेल परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत करना, यात्री परिवहन की सुविधा बढ़ाना और माल ढुलाई के लिए बेहतर नेटवर्क विकसित करना है। इससे औद्योगिक क्षेत्रों, व्यापार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को लाभ मिलने की उम्मीद रहती है।

महत्वपूर्ण: लगभग 8,000 करोड़ रुपये की राशि और संबंधित परियोजना के स्वीकृत दायरे, मार्ग, लंबाई तथा निर्माण समयसीमा की आधिकारिक परियोजना-विशिष्ट पुष्टि के बिना इन्हें अंतिम विवरण नहीं माना जाना चाहिए। इसलिए प्रकाशित खबर में इन बिंदुओं को संबंधित सरकारी आदेश या रेलवे की आधिकारिक विज्ञप्ति से मिलान करना जरूरी है।

सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा

मंत्रिपरिषद ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य सूचीबद्ध अस्पतालों में पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान सीधे भुगतान करने की परेशानी से राहत देना है। प्रस्तावित व्यवस्था में पूर्व-अनुमोदन और चिकित्सा दावों की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित करने पर जोर दिया गया है।

इससे गंभीर बीमारी या आपातकालीन स्थिति में कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक और प्रक्रियागत राहत मिलने की उम्मीद है। सुविधा के वास्तविक क्रियान्वयन, पात्रता, अस्पतालों की सूची और उपचार की सीमा से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से देखना आवश्यक होगा।

सड़क निर्माण और अधोसंरचना विकास के लिए भी फैसले

सरकार ने सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों में डामर की कीमतों में असाधारण वृद्धि के कारण ठेकेदारों को राहत देने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य निर्माण कार्यों पर बढ़े खर्च के प्रभाव को कम करना और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद करना है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। यानी इसके लिए प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।

मिशन के तहत सड़क नेटवर्क की योजना, परियोजनाओं की निगरानी, गुणवत्ता जांच, डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल और सड़क सुरक्षा ऑडिट जैसे कार्यों पर ध्यान दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ पर्यटन विकास को बढ़ावा देने की तैयारी

प्रदेश में पर्यटन स्थलों की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को मंजूरी दी गई है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में लगभग 500 करोड़ रुपये के प्रावधान की योजना है।

इस मिशन के तहत पर्यटन स्थलों तक सड़क संपर्क, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही होमस्टे और निजी निवेश के माध्यम से पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी योजना है।

आम जनता और किसानों पर क्या होगा असर ?

इन फैसलों का असर अलग-अलग वर्गों पर पड़ सकता है। पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत जारी रहने से घरेलू खर्च कम करने में मदद मिलेगी। वहीं, धान खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे और खरीदी केंद्रों पर व्यवस्था बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।

रेल और सड़क परियोजनाओं से लंबी अवधि में परिवहन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने पर इलाज के समय अग्रिम भुगतान का बोझ भी कम हो सकता है।

छत्तीसगढ़ सरकार के 27 अक्टूबर 2026 के मंत्रिपरिषद संबंधी फैसलों में बिजली उपभोक्ताओं को मार्च 2027 तक राहत, 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने, 360 नए उपार्जन केंद्र खोलने और सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। सड़क, रेल और पर्यटन विकास से जुड़े प्रस्ताव भी प्रदेश की अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।

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