रायपुर, 23 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने दीपावली से पहले केंद्र सरकार के समान 2 प्रतिशत लंबित महंगाई भत्ता एरियर सहित देने की मांग की है।
इस संबंध में फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को पत्र लिखकर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है।
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि दीपावली से पहले इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारी संगठन एकजुट होकर मंत्रालय का घेराव कर सकते हैं।
फिलहाल यह संगठन की मांग है। राज्य सरकार की ओर से इस मांग को मंजूरी दिए जाने की आधिकारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है।
वर्तमान में 58% DA मिलने का दावा, केंद्र के समान 60% करने की मांग
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के अनुसार, प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को वर्तमान में 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है।
संगठन का कहना है कि यह दर केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिल रहे महंगाई भत्ते से 2 प्रतिशत कम है।
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फेडरेशन चाहता है कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र के समान महंगाई भत्ते का लाभ दे। इसके लिए लंबित 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते को स्वीकृत कर उसका भुगतान एरियर सहित किया जाए।
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के वेतन में दिया जाने वाला ऐसा लाभ है, जिसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के असर को कम करने में मदद करना है।
वहीं, पेंशनरों को इसी तरह का लाभ महंगाई राहत (DR) के रूप में दिया जाता है।
मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिखकर रखी मांग
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक एवं छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को पत्र भेजकर इस मामले में शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
संगठन ने पत्र के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए उस वादे की ओर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया है,
जिसमें प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता एरियर सहित देने की बात कही गई थी।
फेडरेशन का कहना है कि कर्मचारियों और पेंशनरों को इस वादे के अनुरूप लाभ दिया जाना चाहिए। संगठन ने सरकार से लंबित महंगाई भत्ते को देय तिथि से एरियर सहित स्वीकृत करने और दीपावली से पहले भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।
बढ़ती महंगाई का हवाला, कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने की मांग
फेडरेशन ने कहा है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
खाद्य सामग्री, घरेलू जरूरतों और अन्य खर्चों में होने वाली वृद्धि का असर कर्मचारियों के घरेलू बजट पर पड़ता है। ऐसे में संगठन का मानना है।
कि लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान होने से कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत मिल सकती है।
इसी आधार पर फेडरेशन ने दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार से पहले लंबित 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता और उसका एरियर जारी करने की मांग उठाई है।
6 सितंबर की बैठक में लिया गया था निर्णय
फेडरेशन के अनुसार, संगठन की 6 सितंबर 2026 को आयोजित प्रांतीय बैठक में महंगाई भत्ते के मुद्दे पर चर्चा की गई थी।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि दीपावली से पहले लंबित महंगाई भत्ता एरियर जारी कराने के लिए राज्य शासन से पत्राचार किया जाएगा।
इसी निर्णय के तहत मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र भेजकर मांग पर जल्द कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
मांग पूरी नहीं हुई तो मंत्रालय का घेराव
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि राज्य सरकार दीपावली से पहले महंगाई भत्ते के संबंध में सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो संगठन आगे आंदोलन का रास्ता अपना सकता है।
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि मांग पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में कर्मचारी संगठन एकजुट होकर मंत्रालय का घेराव करेंगे।
हालांकि, मंत्रालय घेराव की किसी निश्चित तारीख या कार्यक्रम की घोषणा की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर अब सरकार के फैसले पर
महंगाई भत्ते की मांग को लेकर अब कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर है।
यदि सरकार 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने और एरियर भुगतान की मांग स्वीकार करती है, तो इससे पात्र कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक लाभ मिल सकता है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि राज्य सरकार इस मांग पर कब निर्णय लेगी और यदि मंजूरी मिलती है, तो भुगतान किस तारीख से तथा किस प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
फिलहाल मुख्य मांग यही है कि छत्तीसगढ़ सरकार दीपावली से पहले केंद्र के समान 2 प्रतिशत लंबित महंगाई भत्ता एरियर सहित देने पर निर्णय ले।