रायपुर: दशहरा उत्सव और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर नगर निगम ने तैयारियां पूरी करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं।
इस वर्ष खारुन नदी में सीधे दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं किया जा सकेगा। श्रद्धालुओं को प्रतिमाओं का विसर्जन महादेवघाट स्थित पाटन पुलिया के पास बनाए गए निर्धारित विसर्जन कुंड में ही करना होगा।
व्यवस्था सुचारु बनाए रखने और पर्यावरण संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने अधिकारियों की समिति गठित की है।
नगर निगम की ओर से विसर्जन कुंड में 20 अक्टूबर 2026 को सुबह 6 बजे से 25 अक्टूबर को सुबह 6 बजे तक लगातार व्यवस्थाएं संचालित की जाएंगी। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी तीन पालियों में लगाई गई है।
महादेवघाट विसर्जन कुंड में होंगी जरूरी सुविधाएं
विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने विशेष इंतजाम किए हैं। महादेवघाट स्थित विसर्जन कुंड में रोशनी, क्रेन, मंच, लाउडस्पीकर, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था की जाएगी।
इन व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी नगर निगम के जोन क्रमांक 8 की जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल को सौंपी गई है।
विसर्जन स्थल पर निगम के अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय के अनुसार तीन पालियों में ड्यूटी करेंगे।
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इसका उद्देश्य पूरे निर्धारित समय में व्यवस्था बनाए रखना और प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित करना है।
खारुन नदी में विसर्जन पर प्रतिबंध क्यों?
खारुन नदी में सीधे प्रतिमा विसर्जन पर रोक का उद्देश्य जल प्रदूषण को नियंत्रित करना और नदी के पर्यावरण की सुरक्षा करना है।
नगर निगम ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और छत्तीसगढ़ शासन के दिशा-निर्देशों का पालन कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
निर्धारित विसर्जन कुंड में प्रतिमाओं के विसर्जन से नदी के मुख्य जलस्रोत पर पड़ने वाले प्रदूषण के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
इसलिए श्रद्धालुओं से अपेक्षा है कि वे निर्धारित स्थल का ही उपयोग करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
पूजन सामग्री और विसर्जन के बाद बचे मलबे पर भी निर्देश
नगर निगम ने विसर्जन के दौरान पूजन सामग्री को अलग करने और उसे निर्धारित स्थान पर रखने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही विसर्जन के बाद बचने वाले मलबे, बांस-बल्लियों और अन्य सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इन निर्देशों का उद्देश्य विसर्जन स्थल पर गंदगी जमा होने से रोकना और जल प्रदूषण की आशंका को कम करना है।
ध्वनि और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन और रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के साथ समन्वय भी किया जाएगा।
दशहरा पर रायपुर में छह स्थानों पर होगा रावण दहन
20 अक्टूबर को रायपुर में दशहरा उत्सव के तहत छह प्रमुख स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इनमें रावणभाठा और डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के अलावा चौबे कॉलोनी, राजेंद्र नगर, शंकर नगर और रामकुंड स्थित स्वामी विवेकानंद आश्रम के पास के आयोजन स्थल शामिल हैं।
नगर निगम ने संबंधित जोन कमिश्नरों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी है। आयोजन स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, अग्निशमन वाहन और आने-जाने वाले रास्तों की सफाई जैसे जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
मैदानों को व्यवस्थित करने और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों की समिति करेगी व्यवस्थाओं की निगरानी
दशहरा आयोजन और प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्थाओं के समन्वय के लिए गठित समिति में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है।
इनमें अपर आयुक्त विनोद पांडेय, उपायुक्त स्वास्थ्य जसदेव सिंह बाबरा, जोन-2 के कमिश्नर संतोष पांडेय, जोन-5 के कमिश्नर राकेश शर्मा और जोन-6 की कमिश्नर प्रीति सिंह शामिल हैं।
इसके अलावा प्रभारी अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर, कार्यपालन अभियंता जल नर सिंह फरेन्द्र और कार्यपालन अभियंता विद्युत संदीप शर्मा को भी जिम्मेदारी दी गई है।
समिति का काम संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर जरूरी सुविधाओं और व्यवस्थाओं की निगरानी करना है।
श्रद्धालु निर्धारित कुंड में ही करें विसर्जन
नगर निगम की व्यवस्था के अनुसार, दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित महादेवघाट कुंड में ही किया जाएगा।
श्रद्धालुओं को पूजन सामग्री अलग रखने, साफ-सफाई बनाए रखने और पर्यावरण संबंधी निर्देशों का पालन करने पर ध्यान देना चाहिए।
20 अक्टूबर सुबह 6 बजे से 25 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक चलने वाली व्यवस्था के दौरान निगम के अधिकारी और कर्मचारी तीन पालियों में तैनात रहेंगे।
नगर निगम की इस तैयारी का मुख्य उद्देश्य दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के साथ खारुन नदी को प्रदूषण से बचाना है।