रायपुर : राजधानी में त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिठाई दुकानों और बेकरी प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की है।
जांच के दौरान खाद्य पदार्थों में गंदगी, मिठाइयों में कीड़े और भंडारण की खराब स्थिति सामने आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को बंद कराया गया।
कार्रवाई के दौरान 150 किलो मिठाई और 10 किलो पनीर नष्ट कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से मिठाई और बेकरी उत्पादों की गुणवत्ता तथा दुकानों में स्वच्छता बनाए रखने को लेकर सवाल उठे हैं।
त्योहारों के समय मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करना और भी जरूरी हो जाता है।
मिठाइयों में कीड़े मिलने पर विभाग ने की कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने रायपुर में मिठाई दुकानों का निरीक्षण किया।
इस दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में मिठाइयों में कीड़े मिलने और स्टोरेज एरिया में साफ-सफाई की स्थिति खराब होने की बात सामने आई।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
छत्तीसगढ़ की ब्रेकिंग न्यूज़, ग्राउंड रिपोर्ट और महत्वपूर्ण अपडेट सबसे पहले सीधे अपने WhatsApp पर प्राप्त करें।
खाद्य पदार्थों को अस्वच्छ परिस्थितियों में रखना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए विभागीय अधिकारियों ने संबंधित दुकानों को तत्काल बंद कराने की कार्रवाई की।
जय अंबे स्वीट्स, जनता स्वीट्स और स्वीट हार्ट पर कार्रवाई
रायपुर में खाद्य विभाग की कार्रवाई के दौरान जय अंबे स्वीट्स, जनता स्वीट्स और स्वीट हार्ट सहित मिठाई प्रतिष्ठानों के नाम सामने आए हैं।
अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित दुकानों को आगामी आदेश तक बंद कराया।
खाद्य विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने अलग-अलग प्रकार की मिठाइयों के नमूने भी एकत्र किए,
ताकि उनकी गुणवत्ता और संभावित मिलावट की जांच कराई जा सके।
विभाग की ओर से प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी दी गई है। हालांकि, अंतिम कार्रवाई जांच और विभागीय प्रक्रिया के अनुसार तय होगी।
150 किलो मिठाई और 10 किलो पनीर नष्ट
कार्रवाई से जुड़ी शुरुआती जानकारी के अनुसार, करीब 150 किलो मिठाई और 10 किलो पनीर नष्ट कराया गया।
अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए खाद्य पदार्थों को लोगों तक पहुंचने से रोकना इस तरह की कार्रवाई का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
ध्यान दें: कुछ अन्य मीडिया रिपोर्टों में संबंधित दुकानों से बड़ी मात्रा में मिठाइयां जब्त करने और उन्हें नष्ट करने के निर्देश दिए जाने की अलग जानकारी भी प्रकाशित हुई है।
इसलिए अलग-अलग प्रतिष्ठानों से जब्त और नष्ट की गई कुल मात्रा का अंतिम आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध होने पर ही उसकी पुष्टि की जानी चाहिए।
मिठाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए
खाद्य विभाग ने विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के नमूने एकत्र किए हैं। इनकी जांच से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनमें मिलावट की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सैंपल की जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
दुकान बंद करने, लाइसेंस से संबंधित कार्रवाई और अन्य कानूनी कदमों की स्थिति विभागीय आदेशों तथा जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
त्योहारों में मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
त्योहारी सीजन में मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना चाहिए।
- मिठाई खरीदते समय उसकी ताजगी और गुणवत्ता पर ध्यान दें।
- खुले में रखी और धूल-मिट्टी या गंदगी के संपर्क में आने वाली मिठाइयों से बचें।
- पैक की गई मिठाइयों पर निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि और अन्य जरूरी जानकारी देखें।
- पनीर और अन्य जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण पर ध्यान दें।
- खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत करें।
खाद्य सुरक्षा को लेकर क्यों जरूरी है ऐसी जांच?
खाद्य सुरक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों के अनुरूप हों।
मिठाई दुकानों, बेकरी और डेयरी प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की कमी या अनुचित भंडारण से खाद्य पदार्थ दूषित हो सकते हैं।
रायपुर में हुई यह कार्रवाई खाद्य कारोबारियों के लिए स्वच्छता मानकों का पालन करने की जरूरत को रेखांकित करती है।
अब संबंधित प्रतिष्ठानों के नमूनों की जांच और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो।