रायपुर। औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से रायपुर ग्रामीण पुलिस ने सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में बड़े स्तर पर सरप्राइज चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया।
इस कार्रवाई के तहत क्षेत्र की श्रमिक बस्तियों, किराए के मकानों और विभिन्न फैक्ट्रियों में काम कर रहे लोगों के पहचान दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई।
कानून-व्यवस्था और बाहरी अपराधियों पर नजर रखने की पहल
पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
अक्सर देखा गया है कि बाहरी राज्यों से अपराध करके आने वाले तत्व औद्योगिक क्षेत्रों की घनी बस्तियों में पहचान छुपाकर किराए के मकानों में रहने लगते हैं।
इस अभियान के माध्यम से ऐसे संदिग्ध तत्वों पर नकेल कसने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की रणनीति बनाई गई है।
इन राज्यों से आए श्रमिकों का हुआ रिकॉर्ड मिलान
कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड,
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पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों से आए श्रमिकों का सत्यापन किया।
- दस्तावेजों की जांच: श्रमिकों के आधार कार्ड, वोटर आईडी और स्थायी निवास संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई।
- रिकॉर्ड मिलान: जुटाए गए डेटा का पुलिस रिकॉर्ड से मिलान किया जा रहा है ताकि किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके।
मकान मालिकों को सख्त हिदायत: अनिवार्य रूप से कराएं वेरिफिकेशन
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों और मकान मालिकों से सीधे संवाद किया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना सत्यापन के किसी भी अज्ञात व्यक्ति को किराए पर मकान देना जोखिम भरा हो सकता है।
मकान मालिकों के लिए मुख्य दिशा-निर्देश:
अपने किरायेदारों की पूरी जानकारी और पहचान पत्रों की कॉपी सुरक्षित रखें।
नजदीकी थाने में किरायेदारों का पुलिस सत्यापन (Tenant Verification) अनिवार्य रूप से कराएं।
किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
“औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा और असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण के लिए यह सरप्राइज चेकिंग अभियान चलाया गया है। बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकों और किरायेदारों का सत्यापन सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी है। सभी मकान मालिकों और फैक्ट्री प्रबंधकों को नियमानुसार सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।”
— अभिषेक झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (रायपुर ग्रामीण)