रायपुर/नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भारतीय सेना में ‘बस्तर रेजिमेंट’ के गठन की मांग उठाई है।
इस संबंध में उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेजकर बस्तर के युवाओं की वीरता, देशभक्ति और सैन्य सेवा की परंपरा का उल्लेख किया था।
अब इस पत्र पर रक्षा मंत्रालय की ओर से जवाब आया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने जवाब में कहा है कि उनका पत्र प्राप्त हो गया है और इस विषय की जांच एवं परीक्षण संबंधित विभाग द्वारा किया जा रहा है।
पत्र में दिए गए सुझावों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।
क्या है बस्तर रेजिमेंट की मांग?
विजय शर्मा का कहना है कि बस्तर के युवा लंबे समय से सेना और अर्धसैनिक बलों में अपनी बहादुरी का परिचय देते रहे हैं।
यदि भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट का गठन किया जाता है,
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
छत्तीसगढ़ की ब्रेकिंग न्यूज़, ग्राउंड रिपोर्ट और महत्वपूर्ण अपडेट सबसे पहले सीधे अपने WhatsApp पर प्राप्त करें।
तो इससे क्षेत्र के युवाओं को नई प्रेरणा मिलेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर ने वर्षों तक नक्सलवाद जैसी चुनौती का सामना किया है और यहां के युवाओं ने देशहित में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
ऐसे में बस्तर के नाम पर एक सैन्य रेजिमेंट बनना क्षेत्र के लिए गौरव की बात होगी।
सरकार की प्रतिक्रिया:-
रक्षा मंत्रालय की ओर से मिले जवाब में फिलहाल किसी नए रेजिमेंट के गठन की घोषणा नहीं की गई है।
मंत्रालय ने केवल इतना कहा है कि प्रस्ताव प्राप्त हो चुका है और उसका परीक्षण किया जा रहा है।
इससे साफ है कि फिलहाल मामला विचाराधीन है।
राजनीतिक और सामाजिक महत्व :-
बस्तर रेजिमेंट की मांग को लेकर अब प्रदेश की राजनीति भी गर्मा सकती है।
समर्थकों का मानना है कि इससे आदिवासी और बस्तर अंचल के युवाओं को सेना में अधिक अवसर और सम्मान मिलेगा,
जबकि अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और भारतीय सेना की नीतियों के अनुसार ही होगा।