NEET Paper Leak 2026 : शांत नहीं हुआ है पेपर लीक का विवाद लगातार और गहराता जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर 6 NEET अभ्यर्थियों की मौत के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
इन घटनाओं के बाद CJP ने केंद्र सरकार से मृत छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने की मांग की है।
वहीं कई परिजनों का कहना है कि अब तक सरकार या प्रशासन की ओर से उनसे कोई आधिकारिक संपर्क नहीं किया गया है।
CJP की प्रमुख मांगें:
CJP ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
प्रत्येक मृत छात्र के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा।
– मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच।
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– दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई।
– प्रभावित परिवारों को न्याय और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना।
परिजनों का दावा:
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई परिवारों ने कहा कि घटना के बाद अब तक किसी सरकारी अधिकारी या प्रशासनिक टीम ने उनसे संपर्क नहीं किया है।
परिवारों का कहना है कि उन्हें केवल न्याय और जवाबदेही चाहिए।
NEET पेपर लीक विवाद क्यों बना बड़ा मुद्दा?
NEET देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है।
पेपर लीक के आरोपों के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हैं।
इसी मुद्दे को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं।
सरकार से क्या उम्मीद?
छात्र संगठनों और कई सामाजिक समूहों का कहना है कि सरकार को केवल जांच तक सीमित नहीं रहना चाहिए,
बल्कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने, परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने
और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।