नई दिल्ली: Mythos AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी से हो रही प्रगति के बीच Anthropic का यह नया AI मॉडल वैश्विक स्तर पर चर्चा में है।
भारत सरकार ने इस संभावित खतरे को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की है।
सरकार और RBI की बड़ी बैठकवित्त मंत्री ने RBI, बैंकों और IT मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर AI से जुड़े साइबर जोखिमों की समीक्षा की।-
बैंकों को सिस्टम सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए गए
ग्राहकों के डेटा और पैसे की सुरक्षा पर जोर दिया गया

क्या है Mythos AI?
यह एक advanced AI मॉडल है जिसे Anthropic ने विकसित किया है।
यह software vulnerabilities को तेजी से खोज सकता है- और संभावित रूप से उनका misuse भी किया जा सकता है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता-
RBI global regulators (US, UK) के साथ मिलकर risk assess कर रहा है।
कई देशों ने बैंकों को cyber defence मजबूत करने की सलाह दी है।
बैंकिंग सेक्टर पर खतरा क्यों?
Mythos AI से जुड़े मुख्य जोखिम:-
AI-based hacking automation
Zero-day vulnerabilities का exploitation
Financial systems में unauthorized access
क्या यह खतरा वास्तविक है?
अभी यह मॉडल public के लिए available नहीं है।
limited access में testing चल रही है, लेकिन misuse होने पर यह banking systems और critical infrastructure को प्रभावित कर सकता है।
निष्कर्ष –
Mythos AI को लेकर भारत और दुनिया भर में cybersecurity concerns तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इसे panic के बजाय precaution phase कहा जा सकता है।
सरकार और RBI का focus है:- risk assessment- regulation- system security
FAQ
Q1. Mythos AI क्या है?
एक advanced AI model जो cybersecurity vulnerabilities खोज सकता है।
Q2. क्या इससे बैंक खतरे में हैं?
संभावित खतरा है, इसलिए RBI alert है
Q3. क्या यह AI public के लिए available है?
नहीं, अभी limited access में है
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