रायपुर। छत्तीसगढ़ NEET-UG 2026 की CGDME मेरिट सूची में फर्जी डोमिसाइल, जाति प्रमाण-पत्र और श्रेणी संबंधी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने उग्र प्रदर्शन किया।
मंगलवार को MBBS अभ्यर्थियों और NSUI कार्यकर्ताओं ने हाथों में खाली थाली लेकर अंबेडकर चौक से स्वास्थ्य मंत्री के निवास की ओर मार्च किया और अपने हक तथा अधिकार के लिए नारेबाजी की।
मार्च के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को बीच में ही रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही धरना देकर विरोध दर्ज कराया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए NSUI के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री के OSD से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की और 5 प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
NSUI के ज्ञापन की 5 प्रमुख मांगें
प्रोविजनल मेरिट सूची घोषित हो: वर्तमान CGDME मेरिट सूची को प्रोविजनल माना जाए और सभी भौतिक दस्तावेजों की सूक्ष्मता से जांच के बाद ही अंतिम मेरिट सूची जारी की जाए।
दस्तावेजों का पूर्ण सत्यापन: काउंसलिंग प्रक्रिया से पहले सभी विद्यार्थियों के छत्तीसगढ़ डोमिसाइल, जाति प्रमाण-पत्र और आवश्यक दस्तावेजों की कड़ी जांच की जाए।
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NTA डेटा सार्वजनिक हो: पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी NTA की Eligibility स्टेज डेटा को सार्वजनिक किया जाए।
विथड्रॉल (Withdrawal) का अंतिम अवसर: Round-1 में गलत जानकारी या दस्तावेज देने वाले छात्रों को एक बार सुधार या नाम वापस लेने का अवसर दिया जाए। इसके बाद भी फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
श्रेणीवार आंकड़ों में विसंगति की जांच:
- पिछले वर्ष 43,718 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 22,261 पात्र हुए थे।
- इस वर्ष 41,411 परीक्षार्थी शामिल हुए और केवल 21,291 पात्र हुए।
- कुल पात्र छात्रों की संख्या घटने के बावजूद मेरिट सूची में ST श्रेणी में 782, SC श्रेणी में 322 और OBC श्रेणी में 409 विद्यार्थियों की अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। इस बड़े अंतर की निष्पक्ष जांच की जाए।
योग्य छत्तीसगढ़ी छात्रों के हक के लिए उग्र आंदोलन की चेतावनी
NSUI के प्रदेश प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने कहा कि संगठन ने संभावित धांधली और संदिग्ध विद्यार्थियों की एक सूची शासन को सौंपी है।
यदि CGDME और स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते मेरिट सूची की निष्पक्ष जांच कर छत्तीसगढ़ के मूल और योग्य छात्रों को न्याय नहीं दिया, तो NSUI राज्यभर में उग्र से उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी