रायपुर। पिरदा गांव की जमीन को लेकर किसानों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
पिरदा गांव की जमीन RDA को नहीं दी जाएगी। विधायक अनुज शर्मा की पहल पर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात की।
बैठक में ग्रामीणों ने प्रस्तावित आवासीय परियोजना का विरोध करते हुए अपनी कृषि भूमि को अधिग्रहण से बचाने की मांग रखी।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन आजीविका का मुख्य आधार है और वे यहां कोई आवासीय प्रोजेक्ट नहीं चाहते।
पिरदा में विरोध क्यों –
दरअसल, रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने पिरदा गांव की जमीन को कौशल्या विहार कॉलोनी के विस्तार के लिए चिन्हांकित किया था।
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इसके बाद ग्रामीणों में जमीन अधिग्रहण को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
ग्राम सभा में भी ग्रामीणों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।
विधायक अनुज शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने ग्रामीणों की मांग रखी।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंत्री ओपी चौधरी को ग्रामीणों का पक्ष सुनने के निर्देश दिए।
मंत्री ने दिया आश्वासन –

ग्रामीणों से मुलाकात के दौरान मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यदि ग्रामीण आवासीय प्रोजेक्ट नहीं चाहते हैं, तो उनकी इच्छा के खिलाफ कोई परियोजना नहीं लाई जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिरदा गांव की जमीन RDA द्वारा नहीं ली जाएगी और इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।