📍 Raipur, Chhattisgarh 🗓 28 Jul 2026 🕒 10:28 AM
Home » छत्तीसगढ़ » रायपुर संभाग » खारुन नदी संकट में: प्रदूषण, जलकुंभी और मरती मछलियाँ

खारुन नदी संकट में: प्रदूषण, जलकुंभी और मरती मछलियाँ

19 March 2026 1 min read

रायपुर – छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियों में शामिल खारुन नदी आज प्रदूषण के कारण गंभीर संकट में है। कभी साफ और जीवनदायिनी रही यह नदी अब अपनी पहचान खोती जा रही है।

पानी की गुणवत्ता इतनी खराब हो चुकी है कि अब यह पीने योग्य नहीं रहा, जो खारून नदी प्रदूषण की गंभीरता को दिखाता है।



खारुन नदी में मर रही हैं मछलियाँ

खारून नदी प्रदूषण का सबसे बड़ा असर जलीय जीवों पर दिख रहा है।

नदी में ऑक्सीजन की कमी के कारण:मछलियाँ लगातार मर रही हैं

जलीय जीवन खत्म हो रहा हैयह स्थिति बताती है कि खारून नदी प्रदूषण ने पारिस्थितिकी तंत्र को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

जलकुंभी

खारून नदी में जलकुंभी का तेजी से फैलना भी खारून नदी प्रदूषण का एक बड़ा कारण और परिणाम दोनों है।जलकुंभी पानी को ढक लेती है।

ऑक्सीजन स्तर और कम करती हैनदी के बहाव को रोकती हैइससे खारून नदी प्रदूषण और तेजी से बढ़ रहा है।

गंदे नालों से बढ़ रहा प्रदूषण

शहरों का गंदा पानी सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे खारून नदी प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।

बिना ट्रीटमेंट का सीवेज

औद्योगिक कचरा

इन कारणों से खारून नदी अब धीरे-धीरे नाले में बदलती जा रही है।

योजनाएं बहुत, लेकिन प्रदूषण जस का तस

हर साल:नदी की आरती होती है ,

सफाई के दावे किए जाते हैं ,

करोड़ों की योजनाएं बनती हैं ,

लेकिन इसके बावजूद खारून नदी प्रदूषण में कोई खास कमी नहीं आई है।

निर्माण कार्य

नदी पर बढ़ते निर्माण कार्य भी खारून नदी प्रदूषण को प्रभावित कर रहे हैं ।

पुल और अन्य प्रोजेक्ट्स नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित कर रहे हैं।

निष्कर्ष: प्रदूषण बना बड़ा खतरा

ग्राउंड रिपोर्ट साफ दिखाती है कि खारून नदी अब तेजी से नाले में बदल रही है।

अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो खारून नदी प्रदूषण भविष्य में बड़े जल संकट का कारण बन सकता है।

यह भी देखें –

LPG Gas का संकट लंबी लाइनों में खड़े लोग, क्या छत्तीसगढ़ में गैस की कमी ? देखें kharun Times की ग्राउंड रिपोर्ट https://kharuntimes.com/chhattisgarh-lpg-gas-crisis/

Laxya Sahu
About the author

Laxya Sahu

मूलतः नये रायपुर के उपनगर अभनपुर से आने वाले लक्ष्मीकांत साहू जिन्हें लक्ष्य साहू के नाम से भी जाना जाता है, खारुन टाइम्स के संपादक के रूप में पदस्थ हैं । उनकी शिक्षा रसायन शास्त्र में स्नातकोत्तर एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन में हुई है । वे हिंदी साहित्य के व्यंग विधा में सामाजिक राजनीतिक व्यंगकार है, “चार समाज की बात” उनकी कृतियों में से एक है । छात्र जीवन से ही समाजहित और छात्रहित में अनेक आंदोलनों का सफल नेतृत्व करते हुए विद्यार्थियों के विकास हेतु अनेक कार्यक्रमों के आयोजक रहे ।

Previous LPG Gas का संकट लंबी लाइनों में खड़े लोग, क्या छत्तीसगढ़ में गैस की कमी ? देखें kharun Times की ग्राउंड रिपोर्ट Next क्या मुख्यमंत्री ने खुद लगवाए अपने जन्मदिन के पोस्टर ?

Leave a Comment