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धमतरी में 100 साल पुरानी वनोपज मंडी फिर शुरू, हर सोमवार होगी खरीदी-बिक्री; किसानों को मिलेगा स्थानीय बाजार

13 October 2026
KharunTimes

धमतरी, 13 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में करीब 100 साल पुरानी वनोपज मंडी को फिर से शुरू किया गया है।

इससे वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों तथा वनोपज संग्राहकों को अपनी उपज बेचने के लिए स्थानीय बाजार उपलब्ध होने की उम्मीद है।

श्यामतराई स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में सेवा संकल्प अभियान के तहत वनोपज और औषधीय उत्पादों की खरीदी-बिक्री की नियमित व्यवस्था शुरू की गई है।

हर सोमवार सुबह 10 बजे से होगी खरीदी-बिक्री

कृषि उपज मंडी समिति धमतरी के अनुसार, श्यामतराई मंडी परिसर के शेड क्रमांक-1 में पोल नंबर 04 से 08 तक का हिस्सा वनोपज और औषधीय उत्पादों के कारोबार के लिए निर्धारित किया गया है।

यहां प्रत्येक सोमवार सुबह 10 बजे से कार्य समाप्ति तक खरीदी-बिक्री की जा सकेगी।

किसान और वनोपज संग्राहक अपने उत्पाद लेकर मंडी पहुंच सकते हैं। यहां खुली बोली के माध्यम से उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था की गई है।

किसानों और वनोपज संग्राहकों को क्या होगा फायदा?

वनोपज मंडी दोबारा शुरू होने से जिले के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले उन परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो वनोपज और औषधीय उत्पादों के संग्रहण पर निर्भर हैं।

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स्थानीय बाजार मिलने से उत्पादकों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर के व्यापारिक केंद्रों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

इससे परिवहन पर होने वाला खर्च और समय भी बच सकता है। नियमित खरीदी-बिक्री की व्यवस्था से स्थानीय व्यापारियों और उत्पादकों के बीच सीधा संपर्क बढ़ने की संभावना है।

औषधीय उत्पादों के कारोबार को भी मिलेगा बढ़ावा

धमतरी जिले में वनोपज और औषधीय उत्पादों के व्यापार की पुरानी परंपरा रही है। मंडी को दोबारा सक्रिय करने का उद्देश्य इस परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ स्थानीय उत्पादों के विपणन को बेहतर बनाना है।

भविष्य में वनोपज के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना भी है।

गांवों तक पहुंचाई जाएगी जानकारी

मंडी समिति की ओर से किसानों और वनोपज संग्राहकों तक इस सुविधा की जानकारी पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायतों में मुनादी और प्रचार-प्रसार की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।

वनोपज व्यापारियों ने भी मंडी में लाए जाने वाले उत्पादों की खरीदी के लिए सहमति जताई है।

धमतरी की पुरानी व्यापारिक पहचान को मिलेगी नई पहचान

करीब एक सदी पुरानी वनोपज मंडी का दोबारा संचालन धमतरी के स्थानीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

नियमित बाजार उपलब्ध होने से किसानों, संग्राहकों और व्यापारियों को एक ही स्थान पर कारोबार करने का अवसर मिलेगा।

अब इस व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने उत्पादक इससे जुड़ते हैं और उन्हें अपनी उपज का कितना बेहतर मूल्य मिल पाता है

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Mukul Dhiwar
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