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चित्रकोट जलप्रपात : भारत का नियाग्रा

27 July 2026 1 min read

बस्तर : चित्रकोट जलप्रपात भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिले में इन्द्रावती नदी पर स्थित एक सुन्दर जलप्रपात है।

इसकी ऊँचाई 90 फीट है। इसकी विशेषता यह है कि वर्षा के दिनों में यह रक्त-लालिमा लिए हुए होता है, तो गर्मियों की चाँदनी रात में यह बिल्कुल सफेद दिखाई देता है।

कहाँ पर स्थित है –

जगदलपुर से 40 कि.मी. और रायपुर से 273 कि.मी. की दूरी पर स्थित यह जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा, सबसे चौड़ा और सबसे ज्यादा जल की मात्रा प्रवाहित करने वाला जलप्रपात है।

यह बस्तर संभाग का सबसे प्रमुख जलप्रपात माना जाता है।

जगदलपुर से समीप होने के कारण यह एक प्रमुख पिकनिक स्थल के रूप में भी प्रसिद्धि प्राप्त कर चुका है।

घोड़े की नाल के समान मुख के कारण इस जाल प्रपात को ‘भारत का निआग्रा’ भी कहा जाता है।

सधन वृक्षों एवं विंध्य पर्वतमालाओं के मध्य स्थित इस जल प्रपात से गिरने वाली विशाल जलराशि पर्यटकों का मन मोह लेती है।

चित्रकोट प्रपात वैसे तो प्रत्येक मौसम में दर्शनीय है, परन्तु वर्षा ऋतु में इसे देखना अधिक रोमांचकारी अनुभव होता है।

वर्षा में ऊंचाई से विशाल जलराशि की गर्जना रोमांच और सिहरन पैदा कर देती है।

जुलाई से अक्टूबर तक का समय पर्यटकों के यहाँ आने के लिए उचित है।

चित्रकोट जलप्रपात के आसपास घने वन विराजमान हैं, जो कि उसकी प्राकृतिक सौंदर्यता को और बढ़ा देती है।

रात में इस जगह को पूरा रोशनी के साथ जगमगाया जाता है।

यहाँ के झरने से गिरते पानी के सौंदर्य को पर्यटक रोशनी के साथ देख सकते हैं।

अलग-अलग अवसरों पर इस जलप्रपात से कम से कम तीन और अधिकतम सात धाराएँ गिरती हैं।

मानसून काल में इंद्रावती नदी अपने उफान पर होती है। चित्रकूट जलप्रपात भारत का सबसे चौड़ा प्रपात है।

बारिश के मौसम में इसकी चौड़ाई 150 मीटर होती है। रात की खामोशी में झरने की आवाज आपको 3 से 4 किलोमीटर दूर भी सुनाई देगी।

मानों पानी की हर एक बूंद चीख-चीख कर चित्रकूट से गिरने की गौरवगाथा का गान कर रही हो।

चित्रकोट जलप्रपात वैसे तो हर मौसम में दर्शनीय है, लेकिन बारिश के दिनों में इसे देखना अधिक रोमांचकारी अनुभव होता है।

वर्षा में ऊंचाई से विशाल जलराशि की गर्जना रोमांच और सिहरन पैदा कर देती है।

पर्यटकों के यहां आने के लिए जुलाई-अक्टूबर के बीच का समय सबसे सही होता है

Laxya Sahu
About the author

Laxya Sahu

मूलतः नये रायपुर के उपनगर अभनपुर से आने वाले लक्ष्मीकांत साहू जिन्हें लक्ष्य साहू के नाम से भी जाना जाता है, खारुन टाइम्स के संपादक के रूप में पदस्थ हैं । उनकी शिक्षा रसायन शास्त्र में स्नातकोत्तर एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन में हुई है । वे हिंदी साहित्य के व्यंग विधा में सामाजिक राजनीतिक व्यंगकार है, “चार समाज की बात” उनकी कृतियों में से एक है । छात्र जीवन से ही समाजहित और छात्रहित में अनेक आंदोलनों का सफल नेतृत्व करते हुए विद्यार्थियों के विकास हेतु अनेक कार्यक्रमों के आयोजक रहे ।

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