रायपुर (छत्तीसगढ़): रायपुर में रायपुर नगर निगम में हंगामा उस समय तेज हो गया जब सैकड़ों फुटपाथ व्यापारियों ने नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया।
यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के नेतृत्व में हुआ।
आंदोलन का नेतृत्व ‘दादा ठाकुर’ ने किया, जिन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए।
इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नई व्यवस्थाएं लागू होने के बाद छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी संचालकों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इसी कारण रायपुर नगर निगम में हंगामा अब व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।
कमिश्नर सिस्टम पर सवाल
दादा ठाकुर ने कहा कि “निगम कमिश्नर जनता का नौकर है, मालिक नहीं।”
उनका आरोप है कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है, लेकिन अधिकारियों का रवैया कठोर हो गया है।
वहीं दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
परिणामस्वरूप, रायपुर नगर निगम में हंगामा और अधिक गंभीर होता दिख रहा है।
कथित अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप
प्रदर्शनकारियों ने निगम कर्मचारियों पर निम्न आरोप लगाए:
तराजू और ठेला जैसे सामान जब्त किए जाते हैं।
सामान वापस करने के बदले ₹500 से ₹5,000 तक की कथित अवैध वसूली की मांग की जाती है।
त्योहारों के समय कार्रवाई तेज कर दी जाती है।
महिलाओं से जुड़े आरोप
ग्रामीण जिला अध्यक्ष नेहा वर्मा ने कहा कि चुनाव के समय ‘नारी सशक्तिकरण’ की बात की जाती है।
लेकिन जब महिलाएं सड़क किनारे दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं, तब उनके साथ कथित अभद्रता की शिकायतें सामने आती हैं।
इसी मुद्दे ने रायपुर नगर निगम में हंगामा को सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बना दिया है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
प्रदर्शन के दौरान निम्न मांगें रखी गईं:
1. स्थाई वेंडिंग जोनफुटपाथ व्यापारियों के लिए व्यवस्थित मार्केट या चौपाटी विकसित की जाए।
2. अवैध वसूली पर रोकसामान ज,ब्ती के नाम पर कथित रिश्वतखोरी तुरंत बंद की जाए।
3. जवाबदेही तय होयदि समस्याएं नहीं सुनी जातीं, तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
“जेल जाने को तैयार”
दादा ठाकुर ने कहा कि वे पुलिस कार्रवाई या जेल से नहीं डरते।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक महापौर या कमिश्नर स्वयं आकर ज्ञापन स्वीकार नहीं करते और ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक धरना जारी रहेगा।
रायपुर के 70 वार्डों से आए लोग कड़ी धूप में प्रदर्शन कर रहे हैं।
फिलहाल रायपुर नगर निगम में हंगामा प्रशासन और छोटे व्यापारियों के बीच टकराव का संकेत दे रहा है।
FAQ
प्रश्न 1: रायपुर नगर निगम में हंगामा क्यों हुआ?
फुटपाथ व्यापारियों ने कथित अवैध वसूली और कार्रवाई के विरोध में मुख्यालय का घेराव किया।
प्रश्न 2: आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?
आंदोलन का नेतृत्व दादा ठाकुर ने किया, जो छत्तीसगढ़ क्रांति सेना से जुड़े हैं।
प्रश्न 3: मुख्य मांग क्या है?
यह भी देखें
78 वर्ष की आयु में 54 बार जेल: दादा ठाकुर से खास बातचीत https://kharuntimes.com/dada-thakur-ramgulam-singh-54-bar-jail-chhattisgarh-interview/