रायपुर | छत्तीसगढ़ में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नए नियम लागू हुए करीब 6 महीने बीत चुके हैं,
लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों से कितना जुर्माना वसूला जाएगा, इसे लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं होने का मुद्दा सामने आया है।
नए नियमों का उद्देश्य कचरे के बेहतर प्रबंधन, स्रोत पर कचरे के पृथक्करण और पर्यावरणीय नुकसान को कम करना है।
केंद्र सरकार ने Solid Waste Management Rules, 2026 अधिसूचित किए हैं। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुए और पुराने 2016 के नियमों की जगह लागू किए गए हैं।
नए प्रावधानों के तहत ठोस कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग श्रेणियों में रखने और उसके उचित निपटान पर जोर दिया गया है।
चार तरह के कचरे को अलग करना जरूरी
नए नियमों के तहत कचरे को मुख्य रूप से चार स्ट्रीम में अलग करने का प्रावधान है—
- गीला कचरा
- सूखा कचरा
- सैनिटरी कचरा
- स्पेशल केयर वेस्ट
कचरा पैदा करने वालों को इसे अलग-अलग रखना और अधिकृत कचरा संग्रहकर्ता या स्थानीय निकाय की व्यवस्था के अनुसार सौंपना होता है।
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खुले में कचरा फेंकने, जलाने या दबाने तथा नालियों या जलस्रोतों में कचरा डालने पर भी रोक है।
स्थानीय निकायों की भूमिका भी तय
नियमों में नगर निकायों और ग्रामीण स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई हैं।
स्थानीय निकायों को अपने क्षेत्र में ठोस कचरे के संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन, प्रसंस्करण और सुरक्षित निपटान की व्यवस्था करनी है।
इसके साथ ही नियमों में स्थानीय निकायों के उपनियमों के तहत कचरा प्रबंधन से जुड़े यूजर फीस और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
नियमों में ‘फाइन’ को स्थानीय निकाय के उपनियमों के तहत गैर-अनुपालन पर लगाया जाने वाला दंड बताया गया है।
छत्तीसगढ़ में जुर्माने की राशि पर सवाल
नए नियम लागू होने के करीब छह महीने बाद भी छत्तीसगढ़ में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कितनी राशि का जुर्माना लगाया जाएगा, इसे लेकर स्पष्टता नहीं होने का मुद्दा सामने आया है।
यही वजह है कि नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अगर जुर्माने की राशि और कार्रवाई की प्रक्रिया स्पष्ट होती है, तो स्थानीय स्तर पर नियमों के पालन को लागू करने में आसानी हो सकती है।
बड़े संस्थानों और आयोजनों पर भी जिम्मेदारी
नए नियमों में बड़े आवासीय परिसरों, संस्थानों, बाजारों, होटल और रेस्टोरेंट समेत कई श्रेणियों के कचरा उत्पादकों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।
100 से अधिक लोगों के आयोजन के लिए स्थानीय निकाय को पहले से सूचना देने और कचरे को स्रोत पर अलग करने जैसी शर्तें भी रखी गई हैं।
छत्तीसगढ़ में नए नियमों को लागू करने के लिए राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग सिस्टम भी उपलब्ध कराया गया है।
रायपुर जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी SWM Rules 2026 से संबंधित आदेश, प्रशिक्षण और बल्क वेस्ट जनरेटर से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध हैं।
क्यों जरूरी है स्पष्ट जुर्माना व्यवस्था?
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का उद्देश्य केवल कचरा उठाना नहीं, बल्कि उसे सही तरीके से अलग करना, प्रोसेस करना और सुरक्षित तरीके से निपटाना है।
इसके लिए आम लोगों के साथ-साथ दुकानदारों, संस्थानों, बाजारों और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी तय की गई है।
ऐसे में नियमों का उल्लंघन होने पर कितना जुर्माना लगेगा, किस स्थिति में लगेगा और कौन कार्रवाई करेगा, इसकी स्पष्ट व्यवस्था होना नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।