कोरबा। एक युवक की इलाज के दौरान मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बाइक से गिरने के बाद मामूली चोट लगने पर युवक ने एक झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराया था।
इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई और बाद में संक्रमण की बात सामने आई।
जानकारी के मुताबिक, बेंदलकोना निवासी हरप्रकाश सोनवानी बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान अचानक कुत्ता सामने आने से बाइक अनियंत्रित हो गई और वे सड़क पर गिर गए।
हादसे में उनके घुटने में मामूली चोट आई थी। इसके बाद उन्होंने स्थानीय स्तर पर इलाज कराया।
परिजनों का आरोप है कि स्थानीय झोलाछाप डॉक्टर ने उन्हें इंजेक्शन लगाया। इसके बाद चोट वाली जगह पर संक्रमण की स्थिति बन गई और धीरे-धीरे उनकी हालत गंभीर होती गई।
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परिवार ने इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में संपर्क किया।
रायपुर एम्स ले गए, बेड नहीं मिलने का दावा
तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन 9 सितंबर को हरप्रकाश को रायपुर स्थित एम्स लेकर पहुंचे।
परिवार का कहना है कि वहां बेड उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर उन्हें भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद वे उन्हें वापस कोरबा ले आए।
बाद में युवक का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराया गया। संक्रमण की बात सामने आने के बाद ऑपरेशन भी किया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए रायपुर ले जाने की सलाह दी गई थी।
22 सितंबर को जिला अस्पताल में भर्ती
परिजनों के मुताबिक, हरप्रकाश को 22 सितंबर को दोबारा जिला अस्पताल कोरबा में भर्ती कराया गया। यहां भी उनका इलाज जारी रहा, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका।
इलाज के दौरान 5 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे हरप्रकाश की मौत हो गई।
झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
युवक की मौत के बाद परिजनों ने स्थानीय झोलाछाप डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि मामूली चोट के बाद लगाए गए इंजेक्शन के बाद संक्रमण बढ़ा और उसकी स्थिति गंभीर होती चली गई।
मामले में परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। युवक की मौत के वास्तविक कारण और इंजेक्शन से संक्रमण के संबंध की पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी।