रायपुर | छत्तीसगढ़ में एक तरफ स्पेस टेक्नोलॉजी और डिजिटल क्रांति की बातें हो रही हैं, वहीं राजधानी रायपुर का ITI हॉस्टल सरकार को आईना दिखा रही हैं।
खारुन टाइम्स की टीम जब मौके पर पहुंची तो ITI अटारी के छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर एक खंडहरनुमा इमारत में रहने को मजबूर दिखे।
जर्जर भवन: PWD की ‘अस्थायी’ लापरवाही?
छात्रों के अनुसार, यह हॉस्टल Public Works Department (PWD) के एक पुराने भवन में अस्थायी रूप से चल रहा है।
लेकिन यह “अस्थायी” व्यवस्था अब छात्रों के लिए मुसीबत बन चुकी है।
टूटे बाथरूम , शौचालय और साफ-सफाई की स्थिति बदतर है।
बिजली का अभाव: परिसर में न तो रोशनी का ठीक प्रबंध है, न ही सुरक्षा का।
नया भवन बनने के बजाय मौजूदा ढांचा भी खंडहर में तब्दील हो रहा है।
सुरक्षा शून्य: नशेड़ियों और सट्टेबाजों का आतंक
सबसे गंभीर मुद्दा परिसर की सुरक्षा का है।
“हमसे फीस नहीं ली जा रही, इसका मतलब यह नहीं कि हमें बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा भी न दी जाए।” — पीड़ित छात्र
बाउंड्री और गार्ड न होने के कारण यहाँ बाहरी असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।
छात्रों ने चौंकाने वाले दावे किए हैं।
परिसर में सरेआम नशा और सट्टा खेला जाता है।
सुनसान माहौल का फायदा उठाकर अश्लील गतिविधियां की जा रही हैं।
बाहरी लोगों के दखल से छात्रों का पढ़ाई करना दूषित और असुरक्षित हो गया है।
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